मानव जीवन की अवस्थाएँ अवलोकन एवं यौगिक समन्वय
मानव जीवन की अवस्थाएँ अवलोकन एवं यौगिक समन्वय

मानव जीवन की अवस्थाएँ अवलोकन एवं यौगिक समन्वय

by प्रोफेसर कुलदीप कुमार पाण्डेय, डॉ. राकेश कुमार जायसवाल, वैद्य (डॉ.) भोला नाथ मौर्य, नेहा and डॉ० सीता कुमारी

Format:

Paperback and E-book

Pages:

221

ISBN:

978-93-47456-96-1

550.00

"मानव जीवन की अवस्थाएँ: अवलोकन एवं यौगिक समन्वय" एक समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है जो जीवन के विभिन्न चरणों में योग और आध्यात्मिकता के माध्यम से संतुलन और विकास की दिशा में मार्गदर्शन करता है।

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मनुष्य का जीवन विभिन्न अवस्थाओं से होकर गुजरता है, जिनमें शारीरिक, मानसिक, और आध्यात्मिक विकास की क्रमिक प्रक्रियाएँ सम्मिलित होती हैं। इन अवस्थाओं का सूक्ष्म अवलोकन और उनका यौगिक दृष्टिकोण से समन्वय, जीवन को संतुलित और सार्थक बनाने में सहायक हो सकता है।

योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह एक समग्र जीवन शैली है जो व्यक्ति के आंतरिक और बाह्य अस्तित्व को संतुलित करने का कार्य करता है। यह श्वास, आहार, विचार और आत्म-साक्षात्कार के माध्यम से व्यक्ति को आत्मिक शांति की ओर अग्रसर करता है। "मानव जीवन की अवस्थाएँ: अवलोकन एवं यौगिक समन्वय" विषयक यह अध्ययन, मानव जीवन के विभिन्न चरणों गर्भावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था, युवावस्था, प्रौढ़ावस्था और वृद्धावस्था का विश्लेषण करते हुए यह दर्शाता है कि योग और आध्यात्मिकता इन सभी चरणों में किस प्रकार मार्गदर्शन कर सकते हैं।

इस पुस्तक का उद्देश्य केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक जीवन-दर्शन प्रस्तुत करता है, जो व्यक्ति को आत्म-जागृति की दिशा में प्रेरित करता है। यह पुस्तक केवल योग साधकों के लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी के लिए लाभकारी सिद्ध होगी, जो जीवन के प्रत्येक चरण में संतुलन और समग्र विकास की खोज में हैं। इस पुस्तक के माध्यम से, हम यह समझने का प्रयास करेंगे कि कैसे यौगिक दृष्टिकोण से जीवन की प्रत्येक अवस्था में सामंजस्य स्थापित किया जा सकता है ताकि मनुष्य अपने जीवन को अधिक अर्थपूर्ण, संस्कारमय, रोगमुक्त, आनंदमय और शाश्वत शांति से युक्त बना सके।